स्वर्ण भस्म (सोने की भस्म) के फायदे – Swarna Bhasma (Sone Ki Bhasma) Ke Fayde, Labh in Hindi

स्वर्ण भस्म आयुर्वेद की एक चमत्कारी और कीमती दवा के रूप में प्रसिद्ध है। इसका निर्माण शास्त्रोक्त विधि के द्वारा स्वर्ण यानि सोने से किया जाता हैं। परन्तु स्वर्ण भस्म (सोने की भस्म) के फायदे के लिए इसका सही विधि से सेवन किया जाना भी उतना ही जरुरी है जितना की सही विधि से इसका निर्माण किया जाना। आयुर्वेदिक औषधियों में भस्म, रस-रसायन जैसी औषधियों का सही ढंग से सेवन किया जाना अत्यंत आवश्यक है, तभी सही लाभ मिल पाता है। यह एक कीमती और शीघ्रप्रभावी औषधि है अतः उचित ढंग से ही प्रयोग करें। वैसे तो स्वर्ण भस्म सम्पूर्ण शरीर के लिए फायदेमंद है पर विशेषकर इसका इस्तेमाल तंत्रिका तंत्र तथा मष्तिष्क रोगों, मधुमेह, दमा, आर्थराइटिस, यौन रोगों, हृदय रोगों में एवं शक्ति वर्धन के लिए किया जाता है। यह हृदय और शरीर के अन्य अंगों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाने में सहायक है।

यह भी पढ़ें: खदिरारिष्ट के फायदे इन हिंदी

Table of Contents:-

स्वर्ण भस्म से क्या-क्या फायदे हैं – Swarna Bhasma Benefits

एंटी ऑक्सीडेंट

सूजन कम करना

हृदय के लिए बलकारी

यौनशक्ति वर्धक

शारीरिक एवं मानसिक शक्ति वर्धक

पाचनशक्ति वर्धक

रोग प्रतिरोधक शक्ति बढ़ाने वाली (Immunity Booster)

तनाव कम करने में सहायक

स्मृति वर्धक

ओजवर्धक

यौवन देने वाली (एंटी एजिंग)

विषैले तत्वों को शरीर से बाहर निकालने वाली (Detoxifier)

स्वर्ण भस्म (सोने की भस्म) के फायदे - Swarna Bhasma (Sone Ki Bhasma) Ke Fayde, Labh in Hindi

स्वर्ण भस्म का विभिन्न बीमारियों में उपयोग – Swarna Bhasma Uses in Hindi

हृदय रोगों में लाभकारी

स्वर्ण भस्म हृदय को शक्ति प्रदान करती है। जिन व्यक्तियों का दिल कमजोर पड़ गया हो, धड़कन अनियमित रहती हो, घबराहट और बेचैनी सी रहती हो उन्हें इसका सेवन विशेष लाभदायी है। यह हृदय की नाड़ियों को शक्ति पहुंचाती है, ब्लड प्रेशर और हृदय गति को नियमित करती है।

कैंसर और ट्यूमर में लाभकारी

इसका उपयोग कैंसर और ट्यूमर  में भी लाभकारी पाया गया है। यह कैंसर और ट्यूमर जैसी हानिकारक कोशिकाओं को ना केवल नष्ट करती है बल्कि आगे बढ़ने से भी रोकती है। स्वर्ण भस्म के फायदे से इन बीमारियों के रोगियों को फिर से अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करने में काफी सहायता मिलती है।

मस्तिष्क रोगों में लाभकारी        

यह मस्तिष्क रोगों में बहुत लाभदायी है। यह मानसिक स्वास्थ्य को बढाती है, स्मृति और एकाग्रता बढाती है। मस्तिष्क में किसी भी तरह की सूजन को हटाती है।  

तनाव कम करने में लाभदायक

स्वर्ण भस्म के फायदे तनाव कम करने में भी उपयोगी है। यह हार्मोन्स को बैलेंस कर तनाव और अनिद्रा को दूर करने में सहायक है।  

नेत्र रोगों में उपयोगी

यह नेत्र रोगों के उपचार में भी काफी उपयोगी है। आँखों में सूजन और इंफेक्शन आदि के ईलाज में इसका प्रयोग किया जाता है।

मधुमेह

यह मधुमेह को नियंत्रित करने में अत्यंत सहायक है। सहायक औषधियों के साथ इसका सेवन मधुमेह में बहुत कारगर है। मधुमेह की सुप्रसिद्ध आयुर्वेदिक औषधि ‘वसंत कुसुमाकर रस‘ का प्रमुख घटक स्वर्ण भस्म है।

यौन दुर्बलता एवं यौन रोगों में लाभकारी (यौनशक्ति वर्धक) – Swarna Bhasma for Erectile Dysfunction and Other Sexual Problems

स्वर्ण भस्म इरेक्टाइल डिस्फंक्शन, शीघ्रपतन, वीर्य में शुक्राणुओं की कमी आदि यौन रोगों को दूर करने में बहुत लाभकारी है। यह कामशक्ति वर्धक है और सम्पूर्ण यौन स्वास्थ्य प्रदान करने वाली है। यह बढ़ती उम्र की वजह से होने वाली मरदाना कमजोरी को दूर करती है।  

यह भी पढ़ें: सफेद मुसली के स्वास्थ्य लाभ और उपयोग

बालों और त्वचा के लिए स्वर्ण भस्म के फायदे– Swarna Bhasma for Hair and Skin

यह समय से पहले बालों को सफेद होने से रोकती है। यह त्वचा विकारों को दूर करने में भी मददगार है। साथ ही यह ओजवर्धक होने से त्वचा की रंगत भी निखारती है। एंटी ऑक्सीडेंट्स गुणों से समृद्ध होने से ये त्वचा की रक्षा करती है, साथ ही पोषण भी प्रदान करती है।

बुखार कम करने में सहायक

यह शरीर के तापमान को नियमित करती है अतः बुखार कम करने में सहायक है।

क्षय रोग (टी. बी.) के उपचार में सहायक

स्वर्ण भस्म का प्रयोग आयुर्वेद में क्षय रोग (टी. बी.) के उपचार में किया जाता है। इसके रोगाणुरोधी गुणों के कारण यह क्षय रोग के उपचार में कारगर सिद्ध होती है। तेज बुखार होने पर इसका प्रयोग सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

शारीरिक एवं मानसिक शक्ति वर्धक

यह व्यक्ति के शरीर में नई स्वस्थ कोशिकाओं का निर्माण करती है और सभी अंगों को बल प्रदान करती है। यह पाचन शक्ति को सबल बनाती है और बल वीर्य को पुष्ट करती है। स्वर्ण भस्म से होने वाले फायदे आपकी शारीरिक एवं मानसिक शक्ति में वृद्धि करते हैं और जीवन में नए उत्साह का संचार करते हैं।

रक्त शुद्धिकरण और डेटोक्सिफिकेशन

यह रक्त को शुद्ध करती है और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम (डेटोक्सिफिकेशन) करती है। परिणामस्वरूप रक्त की अशुद्धि और विषैले तत्वों के कारण होने वाले रोग दूर हो जाते है।

संक्रमण (इन्फेक्शन्स) के उपचार में

शरीर में  हुए किसी भी तरह के संक्रमण में यह उपयोगी है। इसके हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करने के गुण के कारण यह संक्रमण (इन्फेक्शन) की रोकथाम में लाभदायक है।

इनके अलावा यह और भी कई बीमारियों के उपचार में उपयोगी है। योग्य वैद्यों द्वारा इसका उपयोग कई रोगों के उपचार में किया जाता है और अनुपान भेद के साथ उचित प्रयोग से स्वर्ण भस्म बहुत फायदेमंद सिद्ध होती है।

स्वर्ण भस्म की मात्रा और खाने का तरीका (लेने की विधि)-

आयु, रोग, अवस्था के अनुसार स्वर्ण भस्म को सामान्यतः 1 मिलीग्राम से 50 मिलीग्राम तक की मात्रा में दिन में एक से दो बार दिया जाता है। इसे शहद, मक्खन, दूध आदि के अनुपान के साथ दिया जाता है। इसे खाने से पहले या बाद में भी ले सकते है पर भोजन के दो घंटे बाद लेना ज्यादा लाभकारी है।

स्वर्ण भस्म सेवन में सावधानियां – Swarna Bhasma ke Nuksan, Side effects in Hindi

हमेशा अच्छी कम्पनी की स्वर्ण भस्म खरीदें जोकि शास्त्रोक्त विधि से निर्मित होनी चाहिए। कभी भी इसे निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन नहीं करना चाहिए अन्यथा लाभ की बजाय हानि होने की संभावना रहती है। बच्चों, गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं तथा किसी गंभीर रोग से ग्रसित व्यक्ति को बिना योग्य चिकित्सक की सलाह के इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। सामान्यतः उचित प्रयोग करने पर कोई विपरीत प्रभाव या साइड इफेक्ट नहीं होता है।

स्वर्ण भस्म का मूल्य (रेट या प्राइस) – Swarna Bhasma Price

बैद्यनाथ स्वर्ण भस्म (अमेजन पर कीमत जानने के लिए यहाँ क्लिक करें)– 125   मिलीग्राम – 2100 रूपये

डाबर स्वर्ण भस्म (अमेजन पर कीमत जानने के लिए यहाँ क्लिक करें)- 500 मिलीग्राम – 6450 रूपये

स्वर्ण भस्म युक्त च्यवनप्राश- Swarna Bhasma Chaywanprash

धूतपापेश्वर स्वामला च्यवनप्राश (अमेजन पर कीमत जानने के लिए यहाँ क्लिक करें)- 1 किलोग्राम – 1375 रूपये

                         कालेदा च्यवनप्राश (अमेजन पर कीमत जानने के लिए यहाँ क्लिक करें)- 500 ग्राम – 2200 रूपये

Please follow and like us: