शिलाजीत के फायदे हिंदी में – शिलाजीत के उपयोग – shilajit ke fayde in hindi – Shilajeet benefits

शिलाजीत के नाम से प्रायः हर भारतीय परिचित है और यह एक उत्तम यौन शक्तिवर्धक औषधि के रूप में प्रसिद्ध है। परन्तु अधिकतर लोगों को शायद यह नहीं पता कि एक उत्तम यौन शक्तिवर्धक होने के साथ ही सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी शिलाजीत के कई फायदे हैं।आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत का उपयोग अनुपान भेद से हर रोग में किया जा सकता है। अनुपान से मतलब उस पदार्थ से है जिसके साथ किसी औषधि का सेवन किया जाता है, जैसे दूध के साथ किसी औषधि का सेवन करने पर दूध उस औषधि का अनुपान कहा जायेगा। शिलाजीत को रोग के अनुसार निर्धारित अनुपान के साथ सेवन करने पर यह हर रोग में लाभकारी है।

आयुर्वेद के ग्रंथों में शिलाजीत का विस्तारपूर्वक वर्णन किया गया है। आयुर्वेद में शुद्ध शिलाजीत को रसायन कहा गया है। आयुर्वेद में रसायन से तात्पर्य उस पदार्थ से है जो स्वास्थ्य, शक्ति और युवावस्था के गुणों को स्थिर रखने वाला और बढ़ाने वाला हो। शिलाजीत निश्चित ही एक उत्तम रसायन है और अवस्था के अनुसार उचित सेवन करने पर सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है।

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शिलाजीत को कैसे पहचाने – शिलाजीत की पहचान

यौन शक्ति के लिए शिलाजीत के आश्चयर्जनक फायदे की वजह से इसकी बहुत ज्यादा माँग रहती है और इसी कारण कई बार शिलाजीत के नाम पर नकली या अशुद्ध शिलाजीत भी बेच दिया जाता है, इसलिए शुद्ध और असली शिलाजीत की पहचान होना जरुरी है। असली शिलाजीत में से गौमूत्र के समान गंध आती है। यह पानी में पूरी तरह घुलनशील होता है। शिलाजीत स्वाद में थोड़ा कसैलापन लिए होता है। इसे आग में जलाने पर यह फूल जाता है। आप जब भी शिलाजीत खरीदें उसे अच्छी तरह जाँच-परख कर ही इस्तेमाल करें।

दूसरी ख़ास बात यह कि शिलाजीत शास्त्रोक्त विधि से शुद्ध किया हुआ होना चाहिए। कई लोग अशुद्ध शिलाजीत बेच देते हैं, ऐसे शिलाजीत में कई तरह की अशुद्धियाँ, भारी धातुएँ और हानिकारक पदार्थ हो सकते हैं जो निश्चित ही आपकी सेहत के लिए अच्छे नहीं है। शिलाजीत हमेशा अच्छी कंपनी का ही लेवें और प्रमाणिकता की जाँच कर लेवें ताकि आप को शुद्ध शिलाजीत के सारे फायदे प्राप्त हो सकें।

शिलाजीत के फायदे हिंदी में - शिलाजीत के उपयोग - shilajit ke fayde in hindi - Shilajeet benefits

शिलाजीत की जानकारी – shilajeet kaise banta hai

गर्मियों में जब ऊँचे पहाड़ों की चट्टानों पर सूर्य की तेज किरणें पड़ती है तो लाख की तरह दिखने वाला द्रव बहता है, उसे शिलाजीत कहते हैं। हालाँकि यह हर चट्टान से नहीं निकलता है और आसानी से नहीं मिलता है। अच्छी गुणवत्ता का शिलाजीत मुख्यतः कश्मीर और नेपाल में हिमालय की ऊँची चोटियों पर पाया जाता है। हजारों वर्षों से पेड़ पौधों और अन्य जैविक पदार्थों के चट्टानों में अपघटन के बाद इसका प्राकृतिक रूप से निर्माण होता है। कच्चे या अशुद्ध शिलाजीत में कई तरह की अशुद्धियाँ होती है, अतः इसे शुद्ध करने के बाद ही उपयोग किया जाता है।

शिलाजीत में 86 प्रकार के मिनरल्स पाए जाते हैं। इसमें काफी मात्रा में फुलविक एसिड होता है। ये सभी तत्व सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है। शिलाजीत के चार प्रकार होते हैं- सुवर्ण, ताम्र, रजत और लौह। इसमें काले रंग के लौह शिलाजीत को सबसे उत्त्तम माना गया है, लौह के अलावा अन्य शिलाजीत के प्रकार कम ही मिलते हैं।

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शिलाजीत के उपयोग और फायदे – shilajit uses in hindi – shilajeet ka upyog aur fayde

आयुर्वेद के अनुसार शिलाजीत रसायन, योगवाही है और अतिवसा, पथरी, मधुमेह, प्रमेह, क्षय, वातरक्त, बवासीर, उन्माद, सूजन, कुष्ठ, उदररोग, पांडुरोग आदि को नष्ट करने वाला और अनुपान भेद से सभी रोगों में लाभकारी है।

यह तासीर में गर्म और पचने में थोड़ा भारी होता है।

यहाँ कुछ प्रमुख स्तिथियों में किये जाने वाले शिलाजीत के उपयोग और फायदों के बारे में बताया जा रहा है-

मूत्र विकार दूर करने में लाभदायक

शिलाजीत सभी प्रकार के मूत्र विकारों, प्रमेह, पथरी आदि में लाभदायक है। यह गुर्दों और मूत्र तंत्र को स्वस्थ रखता है। पथरी के उपचार की दवाओं में इसका प्रयोग किया जाता है। पथरी के उपचार के लिए पानी के साथ सुबह-शाम मुंग के दाने के बराबर शिलाजीत का सेवन करना फायदेमंद है। पानी क्लोरीन से साफ़ किया हुआ या नल का नहीं होना चाहिए, साफ़ शुद्ध पीने योग्य कुएँ, नदी, झरने आदि का पानी ले सकते हैं।

गठिया के उपचार में शिलाजीत के फायदे

शिलाजीत गठिया या आर्थरायटिस के उपचार में लाभदायक है। इसमें सूजन को कम करने के गुण है। इसमें पाए जाने वाले मिनरल्स जोड़ों को मजबूती भी प्रदान करते हैं और रक्त प्रवाह बढ़ाते हैं।

एनीमिया में शिलाजीत के फायदे

एनीमिया का प्रमुख कारण पोषक तत्वों मुख्यतः आयरन की कमी है। शिलाजीत में अच्छी मात्रा में आयरन पाया जाता है जो कि प्राकृतिक रूप से शरीर द्वारा अच्छी तरह से अवशोषित भी हो जाता है। यह पाचन शक्ति भी बढ़ाता है जिससे शरीर भोजन से अच्छे से पोषक तत्त्व अवशोषित कर पाता है। इस तरह यह खून की कमी या एनीमिया को शीघ्र दूर कर शरीर को शक्ति और स्फूर्ति प्रदान करता है।

रोगप्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में उपयोगी

शिलाजीत में पाए जाने वाले तत्त्व प्राकृतिक रूप से शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं। शुद्ध शिलाजीत और अश्वगंधा का सेवन सुबह-शाम दूध के साथ करना इम्युनिटी को जल्दी बढ़ाने में सहायक है।

हाई कॉलेस्ट्रॉल में फायदेमंद

शिलाजीत कोलेस्ट्रॉल के स्तर को सामान्य बनाये रखने में सहायक है। यह रक्त प्रवाह को सुचारु रखता है और हृदय के लिए बलकारक है।

अल्जाइमर रोग में लाभदायक

अल्जाइमर एक याददाश्त से सम्बन्धित बीमारी है जो सामान्यतः बुजुर्गों को होती है। शिलाजीत अल्जाइमर रोग से बचाव और उपचार में काफी उपयोगी है। इसमें पाए जाने वाला फुलविक एसिड याददाश्त की कमजोरी को दूर करता है।

डिमेन्शिआ में शिलाजीत के फायदे

डिमेन्शिआ भी एक मस्तिष्क की कार्यक्षमता से सम्बंधित रोग है, जिसमें याददाश्त के साथ ही व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता भी कमजोर हो जाती है। शिलाजीत मस्तिष्क के तंत्रिका तंत्र को शक्ति प्रदान करता है और याददाश्त को भी बढ़ाता है। इस तरह शिलाजीत इस रोग से बचाव और उपचार में काफी सहायक है।

मधुमेह में उपयोगी

आयुर्वेद के अनुसार शुद्ध शिलाजीत सभी तरह के प्रमेह को दूर करता है। मधुमेह की तो यह प्रमुख औषधि है। मधुमेह की बहुत सी आयुर्वेदिक औषधियों में शुद्ध शिलाजीत एक प्रमुख घटक होता है। मधुमेह के रोगी को अनुभवी वैद्य से परामर्श के पश्चात् निर्धारित मात्रा में सही आहार-विहार और पथ्य-अपथ्य के साथ शिलाजीत का नियमित सेवन करना चाहिए। इससे शरीर की ब्लड शुगर को सामान्य रखने की प्राकृतिक क्षमता को समुचित करने में काफी सहायता मिलती है और साथ ही मधुमेह के कारण होने वाली कमजोरी दूर होकर नई ऊर्जा और शक्ति मिलती है।

शक्तिवर्धन के लिए उपयोगी

शुद्ध शिलाजीत शरीर को बल प्रदान करता है, रस-रक्त आदि सप्त धातुओं को पुष्ट करता है। पाचन शक्ति को बढ़ाता है, जिससे भोजन का उचित अवशोषण होता है। इस तरह शिलाजीत शरीर को ह्रष्ट-पुष्ट, सुडौल और शक्तिशाली बनाने में काफी फायदेमंद है। नियमित व्यायाम, सही आहार-विहार के साथ सुबह-शाम शहद, दूध या मक्खन के साथ में शिलाजीत का सेवन शरीर को शक्तिशाली बनाने में सहायक है।

पुरुषों के लिए शिलाजीत के विशेष फायदे – shilajit benefits for men

शुद्ध शिलाजीत पुरुषों के हार्मोन टेस्टोस्टेरोन का अच्छा स्तर बनाये रखने में काफी सहायक है। अच्छे टेस्टोस्टेरोन का स्तर पुरुषों के लिए कई तरह से लाभदायक है। यह पुरुषों को मोटापा, यौनशक्ति की कमी आदि से बचाता है और हड्डियों एवं मांसपेशियों को बल प्रदान करता है। शिलाजीत वीर्य को शुद्ध और पुष्ट बनाता है। पुरुषों के लिए शुद्ध शिलाजीत का उचित सेवन करना पुरुषत्व और सामान्य स्वास्थ्य को बनाये रखने में काफी फायदेमंद है।

महिलाओं के लिए शिलाजीत के विशेष फायदे– shilajit benefits for women

शुद्ध शिलाजीत का सेवन केवल पुरुषों के लिए ही नहीं बल्कि महिलाओं के लिए भी कई तरह से लाभकारी है। यह कैंसर सेल्स को बढ़ने से रोकता है, इस तरह महिलाओं को ब्रेस्ट कैंसर से बचाने में सहायक है। साथ ही यह मासिक धर्म के समय होने वाली समस्याओं को दूर करता है और मासिक धर्म को नियमित करता है। शिलाजीत महिलाओं के यौन स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक है। इसमें एंटी-एजिंग गुण भी है और यह त्वचा और बालों की सुंदरता को बनाये रखता है। इसमें आयरन की अच्छी मात्रा होती है। यह महिलाओं में सामान्यतः पाए जाने वाली समस्याओं जैसे रक्ताल्पता, जोड़ों का दर्द आदि से बचाता है।

बढ़ती उम्र के दुष्प्रभावों को रोकने में उपयोगी

आयुर्वेद में शिलाजीत को रसायन यानी सम्पूर्ण स्वास्थ्य, शक्ति और युवावस्था प्रदान करने वाला कहा गया है। शुद्ध शिलाजीत में पाए जाने वाले पोषक तत्त्व शरीर के सभी अंगों को उचित पोषण और स्वास्थ्य प्रदान करते हैं। यह बढ़ती उम्र की समस्याओं को दूर करने में सहायक है। शारीरिक और मानसिक शक्ति और स्वास्थ्य को बढ़ाता है। यदि वृद्धावस्था आने से पहले ही वैद्य की सलाह के अनुसार उचित मात्रा में इसका सेवन प्रारम्भ कर दिया जाये तो वृद्धावस्था का दुष्प्रभाव नहीं हो पाता है और सामान्य स्वास्थ्य बना रहता है।

त्वचा के लिए शिलाजीत के फायदे

शुद्ध शिलाजीत ओज को बढ़ाता है जिससे त्वचा में चमक और निखार आता है। यह त्वचा की कोशिकाओं को स्वास्थ्य और पोषण प्रदान करता है। असमय पड़ने वाली झुर्रियों और त्वचा विकारों से बचाता है।

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शिलाजीत यौन शक्ति बढाने में एवं यौनविकारों को दूर करने में फायदेमंद

शुद्ध शिलाजीत बलवीर्य को बढ़ाता है और यौन विकारों जैसे शीघ्रपतन, यौन शक्ति की कमी आदि को दूर करता है। यह महिलाओं और पुरुषों दोनों के यौन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। शिलाजीत के सेवन से पुरुषों में शुक्राणुओं की कमी दूर होती और स्वस्थ शुक्राणु बढ़ते हैं, साथ ही यह वीर्य को शुद्ध और पुष्ट भी करता है। यह महिलाओं के गर्भाशय और अंडाणुओं का स्वास्थ्य बनाये रखता और मासिक धर्म को नियमित करता है।

मोटापा घटाने में शिलाजीत के फायदे – shilajit for weight loss

आयुर्वेद के अनुसार शुद्ध शिलाजीत अतिरिक्त वसा को हटाने में सहायक है। यह शरीर के हार्मोन्स और मेटाबोलिज्म को सही करके मोटापा घटाने में सहायक है। मोटापा घटाने के लिए सही आहार-विहार के साथ शुद्ध शिलाजीत को गोमूत्र के साथ सुबह-शाम सेवन करना फायदेमंद है।

शिलाजीत सेवन विधि – शिलाजीत को कैसे खाना चाहिए – shilajit ko kaise khayen

हमेशा शुद्ध शिलाजीत का ही सेवन करें। शिलाजीत की मात्रा व्यक्ति की आयु, स्वास्थ्य स्तिथि और पाचन शक्ति के अनुसार निर्धारित होनी चाहिए। इसलिए बेहतर यही है कि किसी अनुभवी वैद्य से सलाह लेकर अपने लिए उचित मात्रा का पता कर लेवें। बच्चों को किसी रोग विशेष में चिकित्सक के निर्देशानुसार ही शिलाजीत सेवन कराया जाता है अतः सामान्य स्वास्थ्य के लिए बच्चों को शिलाजीत का सेवन नहीं करावें।

सामान्य रूप से शिलाजीत की मात्रा मुंग के दाने के बराबर या अधिक से अधिक मटर के दाने के बराबर रहती है। गर्मियों में कम मात्रा में सेवन करना चाहिए। कभी भी निर्धारित मात्रा से अधिक सेवन नहीं करे अन्यथा लाभ के स्थान पर हानि हो सकती है। शिलाजीत को खाली पेट या भोजन के दो घंटे पश्चात् पानी, शहद, मक्खन, ईलायची, दूध, घी आदि के साथ सुबह-शाम लिया जा सकता है। सामान्यतः पानी या दूध में घोलकर लेना अधिक सुविधाजनक रहता है। पर ध्यान रहे पानी क्लोरीन से साफ़ किया हुआ नहीं हो जो कि घरों में नलों में आता है। शुद्ध पेयजल के स्तोत्रों जैसे कुऍं आदि का पानी ले सकते हैं।

शिलाजीत को दूध के साथ सेवन करने के फायदे- shilajit aur doodh ke fayde

दूध के साथ शिलाजीत का सेवन शारीरिक और मानसिक विकास में सहायक है। शिलाजीत को दूध में मिलाकर सेवन करने से शरीर पुष्ट होता है। रस रक्त आदि सप्त धातुओं और ओज की वृद्धि होती है। थकान रहना, कमजोरी महसूस होना जैसी समस्याएं दूर होकर सामान्य स्वास्थ्य बना रहता है। रोगप्रतिरोधक क्षमता अच्छी बनी रहती है।

शिलाजीत को केशर के साथ सेवन करने के फायदे- shilajit aur kesar ke fayde

केशर के साथ शुद्ध शिलाजीत का सेवन करना शरीर में उष्णता बढ़ाता है अतः शीतकाल में सेवन करना लाभदायक है। यह रक्त प्रवाह बढ़ाता है और विशेषकर त्वचा को नयी रंगत और स्वास्थ्य प्रदान करता है। पाचन शक्ति, पौरुष शक्ति और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी विशेष फायदेमंद है।

शिलाजीत और अश्वगंधा के फायदे-

शुद्ध शिलाजीत को अश्वगंधा के साथ सेवन करने से विशेषकर शुक्र धातु की वृद्धि होती है। मांसपेशियां मजबूत होती और शरीर पुष्ट होता है। अधिक दुबले पतले लोगों का स्वस्थ वजन बढ़ाने और शारीरिक विकास करने में शिलाजीत और अश्वगंधा का दूध के साथ सुबह-शाम सेवन विशेष लाभदायक है।

शिलाजीत और सफेद मूसली के फायदे-

सफेद मूसली के साथ शिलाजीत को सेवन करने से स्वस्थ शुक्राणुओं की वृद्धि होती और यौन शक्ति बढ़ती है। इसके लिए अपनी पाचन शक्ति को ध्यान में रखते हुए उचित मात्रा में सुबह-शाम शुद्ध शिलाजीत और सफेद मूसली को घी मिलाये हुए दूध के साथ सेवन करें।

शिलाजीत और शहद के फायदे – shilajit aur shahad ke fayde

शुद्ध शिलाजीत को शहद मिले हुए ठन्डे दूध के साथ सेवन करने से शिलाजीत के उचित पाचन में सहायता मिलती है। ये शिलाजीत के एंटी-एजिंग गुणों को भी बढ़ाता है। पर यह ध्यान रखें कि शहद के साथ हमेशा उबालकर ठंडा किया हुआ दूध ही सेवन करें।

शिलाजीत सेवन काल में पथ्य-अपथ्य-

यह एक गर्म प्रकृति का औषधीय पदार्थ है इसलिए शिलाजीत के सेवन काल में ठंडी तासीर की वस्तुओं का अधिक सेवन करना चाहिए और गर्म तासीर की वस्तुओं से परहेज रखना चाहिए। दूध, घी, मक्खन, दही, मट्ठा, ताजे फल आदि ठंडी तासीर की पौष्टिक वस्तुओं का सेवन लाभदायक है। ज्यादा मिर्च-मसाले, कुल्थी, गुड़, अचार, इमली, अमचूर, निम्बू का सत्त, ज्यादा खट्ठे पदार्थ, गरिष्ठ तला हुआ भोजन, दिन में अधिक सोना, अधिक रात्रि जागरण, धुप सेवन, अधिक चाय-कॉफी, तम्बाकू, शराब आदि नशीले पदार्थ, अंडे, मांस-मछली, बासी और रूखे भोजन का परहेज करना चाहिए।

शिलाजीत से नुकसान या साइड इफ़ेक्ट की सम्भावना – shilajeet ke nuksan ya side effects

शुद्ध शिलाजीत का उचित सेवन जहाँ सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है वहीं यदि शिलाजीत अशुद्ध है या अधिक मात्रा में सेवन किया जाये तो शरीर को लाभ के स्थान पर हानि हो सकती है। हमेशा योग्य अनुभवी वैद्य से सलाह लेकर अपने लिए उचित मात्रा पता करने के बाद ही इसका सेवन शुरू करें। विशेष स्वास्थ्य परिस्तिथियों वाले व्यक्तियों जैसे गर्भवती या स्तनपान करवाने वाली स्त्री, गंभीर रोग से ग्रस्त व्यक्तियों आदि को अपने चिकित्सक से अवश्य सलाह लेनी चाहिए। हाई बीपी के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

अनुचित रूप से या अधिक मात्रा में सेवन करने पर एलर्जी होना, यूरिक एसिड का बढ़ जाना, उल्टी, सिर दर्द, चक्कर, घबराहट, पेट दर्द, शरीर में गर्मी बढ़ जाना आदि विकार हो सकते हैं। अप्रमाणिक या अशुद्ध शिलाजीत का कभी भी सेवन नहीं करना चाहिए, इसमें हानिकारक भारी धातुएं व पदार्थ हो सकते हैं जो कि शरीर के आंतरिक अंगों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

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