सफेद मूसली के फायदे और उपयोग- safed musli ke fayde in hindi

सफेद मूसली एक प्रसिद्ध आयुर्वेदिक जड़ी बूटी है। आयुर्वेद में इसके कई स्वास्थ्य लाभ और औषधीय उपयोग हैं। इसकी दो प्रजातियां हैं एक सफेद और दूसरी काली (काली मूसली), हालाँकि दोनों प्रकार के मूसली के फायदे हैं पर ज्यादातर सफेद मूसली का उपयोग किया जाता है । मूसली एक पौधा है और इसकी सूखी जड़ों का उपयोग दवाओं में किया जाता है। मूसली का पौधा प्राकृतिक रूप से भारत में ही पाया जाता है।

यह वात और पित्त को कम करती लेकिन कफ को बढ़ाने वाली है। सफेद मूसली के फायदे शरीर को नई शक्ति और स्वास्थ्य प्रदान करते हैं। यह पुरुषों और महिलाओं दोनों की यौन समस्याओं के लिए एक बहुत ही अच्छी प्राकृतिक कामोत्तेजक और उपयोगी औषधि है। यह कमजोरी को दूर करने वाली है और प्रतिरक्षा शक्ति को भी बढाती है।

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सफेद मूसली के फायदे और उपयोग- safed musli ke fayde in hindi

सफेद मूसली के फायदे और उपयोग- safed musli ke fayde aur uses

यौन शक्ति बढ़ाएँ और यौन समस्याओं को दूर करें –

आपकी सेक्स पावर बढ़ाने में सफेद मूसली बहुत उपयोगी है। यह कामोद्दीपक प्रभाव देती  है और शक्ति और जीवन शक्ति बढ़ाती है। यह शीघ्रपतन, कम कामेच्छा और अन्य यौन समस्याओं में बहुत उपयोगी है।

सफेद मूसली स्पर्म काउंट बढ़ाएं, बांझपन में उपयोगी-

यह शुक्राणु को एक स्वस्थ वातावरण देती है और वीर्य उत्पादन और गुणवत्ता को बढाती है। सफेद मूसली वीर्य में शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाती है, इसलिए यह बांझपन में बहुत उपयोगी है।

सफेद मूसली के फायदे पुरुषों के लिए

यह अच्छे यौन प्रदर्शन में मदद करती है, सहनशक्ति बढ़ाती है और व्यक्ति को समग्र रूप से अच्छा स्वास्थ्य और युवा ऊर्जा देती है। सफेद मूसली पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन के स्तर को बढ़ाती है। एक अच्छा टेस्टोस्टेरोन स्तर पुरुषों को कई स्वास्थ्य लाभ देता है।

सफेद मूसली सामान्य कमजोरी में उपयोगी-

सामान्य कमजोरी को दूर करने में सफेद मूसली बहुत फायदेमंद है। यह पूरे शरीर को ताकत देता है और थकान रहने की समस्या से छुटकारा पाने में मदद करती है। कमजोरी से छुटकारा पाने के लिए 2 से 4 ग्राम सफेद मूसली चूर्ण का दूध के साथ सेवन करें।

गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं के लिए उपयोगी-

गर्भवती महिला को सफेद मूसली पोषण और शक्ति प्रदान करती है। लेकिन गर्भावस्था की अवधि में उपयोग करते समय डॉक्टर से परामर्श करना हमेशा बेहतर होता है। इसके अलावा यह एक स्तनपान कराने वाली महिला को ऊर्जा और पोषण देती है और माँ का दूध बनना बढ़ाती है।

रोगप्रतिरोधक क्षंमता बढ़ाने में सफेद मूसली के फायदे

सफेद मूसली के फायदे आपकी इम्युनिटी को बढ़ाने में बहुत उपयोगी है। इसलिए सामान्य बीमारियों से लड़ने के लिए इसका नियमित उपयोग बहुत फायदेमंद हो सकता है।

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सुदृढ़ मांशपेशियों के निर्माण में सफेद मूसली के फायदे-

सफेद मूसली के सेवन से मिलने वाले फायदे मांसपेशियों के निर्माण में लाभदायक है। यह शरीर के किसी भी ऊतक क्षति को ठीक करने में मदद करती है।

महिला यौन रोगों में उपयोगी-

ल्यूकोरिया जैसे महिला यौन रोगों को ठीक करने में सफेद मूसली बहुत फायदेमंद है। यह मासिक धर्म चक्र को नियमित करती है व साथ ही यह महिला अंगों को ताकत भी देती है।

सफेद मूसली के फायदे मोटापा कम करने में उपयोगी-

अतिरिक्त वसा को कम करने में सफेद मूसली उपयोगी है। यह मोटापा ठीक करने में सहायक है। यह स्वाभाविक रूप से शरीर के चयापचय को बढ़ाती है।

एनीमिया-

एनीमिया को ठीक करने के लिए सफेद मूसली बहुत उपयोगी है। यह पर्याप्त मात्रा में स्वस्थ रक्त कोशिकाओं को बनाए रखने में सहायक है।

सफेद मूसली मधुमेह में उपयोगी-

उचित आहार-विहार के साथ सफेद मूसली का सेवन करना मधुमेह में काफी उपयोगी है।

एंटी-ऑक्सीडेंट के रूप में और डेटोक्सिफिकेशन के लिए सफेद मूसली के फायदे-

सफेद मूसली एक अच्छी एंटी-ऑक्सीडेंट है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को खत्म करती है।

मुँह का संक्रमण-

सफेद मूसली के पाउडर को घी के साथ लेने से मुंह के संक्रमण में लाभ होता है।

सफेद मुसली अतिसार में उपयोगी-

दस्त या अतिसार में सफेद मूसली का चूर्ण दो से चार ग्राम की मात्रा में सेवन करना फायदेमंद है।

पेट की समस्या-

सफेद मूसली पेट दर्द, दस्त और भूख न लगने में उपयोगी है।

मूत्र रोग में सफेद मूसली के फायदे-

मूत्र रोग में 1 से 2 ग्राम सफेद मूसली के लेने से लाभ होता है।

गोनोरिया (Gonorrhea)-

गोनोरिया एक तरह का बैक्टीरिया संक्रमण है। इसका समय पर अच्छी तरह से इलाज किया जाना चाहिए। सफेद मूसली का सेवन इस बीमारी में फायदेमंद है।

रूमेटाइड आर्थराइटिस (rheumatoid arthritis) में उपयोगी-

गठिया के रोग में सफेद मूसली बहुत फायदेमंद है। यह दर्द से राहत पाने में मदद करती है।

सफेद मूसली की सेवन विधि-

पचाने में सफेद मूसली भारी होती है इसलिए अपनी पाचन शक्ति के अनुसार ही खुराक लें। सामान्यतः दो से छः ग्राम की मात्रा में सुबह-शाम इसका सेवन किया जा सकता है। इसे गर्मियों में कम मात्रा में सेवन करना चाहिए। सफेद मूसली के चूर्ण को एक गिलास दूध के साथ दिन में दो बार भोजन एक से दो घंटे  बाद सेवन किया जा सकता है। भूख कम लगने या पाचन खराब होने पर आपको सफेद मूसली की खुराक कम कर देनी चाहिए। इसके अलावा, आप इसे किसी भी आयुर्वेदिक शक्ति वर्धक जड़ी बूटी के साथ मिला के भी सेवन कर सकते हैं।

सफेद मूसली से नुकसान या साइड इफेक्ट्स की सम्भावना – safed musli ke side effects

सामान्य रूप से उपयोग के लिए सफेद मुसली सुरक्षित है और आमतौर पर इसका कोई साइड-इफेक्ट नहीं होता है। लेकिन गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं, बच्चों और किसी भी तरह के गंभीर रोग से पीड़ित व्यक्ति को चिकित्सक से परामर्श के पश्चात् ही इसका सेवन करना चाहिए।यह पचने में भारी होती है इसलिए हमेशा अपनी पाचन शक्ति के अनुसार खुराक चुनें। अन्यथा, अधिक उपयोग से अपच या भूख कम लग सकती है।

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